Saturday, November 10, 2018


1 comment:

Rajkumar Paliwal said...

हर युग में हूँ “मैं”, परोक्ष हूँ “मैं”,
समय के साथ चलता हूँ “मैं”
मुझे रोकना असम्भव है,मैं काल हूँ....
मुझसे न कोई बच पाए ,मुझसे न कोई छिप पाए ...
मैं काल हूँ.....घनघोर अँधेरा ओढ़ के...
मैं जन जीवन से दूर हूँ...श्मशान में हूँ नाचता...
मैं मृत्यु का ग़ुरूर हूँ...मैं शिव और मैं ही काल-भैरव हूं......
काल भैरव मंदिर मंडल डबोक चौराहा